आखिरकार कोरोनावायरस के बीच मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का गठन हो ही गया ।पार्टी ने जहां जातिगत समीकरणों को साधते हुए 5 समाज से पंच परमेश्वर लेकर राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन द्वारा पांचों मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई ।इस मंत्रिमंडल में जहां नेताओं का पत्ता कट गया वही शिवराज के गठन में इस बार दिल्ली की ही चली है।
मन्दसौर। तो आखिरकार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपना मंत्रिमंडल गठन कर ही लिया मंत्रिमंडल छोटा बनाया गया है राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन ने नरोत्तम मिश्र तुलसी सिलावट कमल पटेल गोविंद राजपूत और मीना सिंह को शपथ दिलवाई कोरोनावायरस के चलते शपथ ग्रहण में शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखा गया कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर शपथ समारोह का आयोजन शादी से किया गया मुख्यमंत्री श्री चौहान की शपथ के 29 दिन बाद उनके मंत्रियों को शपथ दिलाई गई भाजपा की हरी झंडी के बाद पांच मंत्रियों को शपथ दिलाने का निर्णय हुआ इसमें जातिगत समीकरण को साधने का प्रयास किया गया है महिला और आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधित्व ओबीसी वर्ग अनुसूचित जाति वर्ग सामान्य वर्ग से नरोत्तम मिश्र और गोविंद सिंह राजपूत को प्रतिनिधित्व दिया गया है सबसे पहले नरोत्तम मिश्रा ने शपथ ली सिंधिया खेमे के तुलसी सिलावट ने शपथ ली तुलसी सिलावट कमलनाथ की सरकार में भी स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं तुलसी के बाद बीजेपी विधायक कमल पटेल ने मंत्री पद की शपथ ली है से विधायक हैं यह पूर्व सीएम उमा भारती के करीबी हैं इसके साथ ही सिंधिया कोटे से गोविंद सिंह राजपूत ने भी मंत्री पद की शपथ ली है श्री राजपूत कमलनाथ की सरकार में परिवहन मंत्री रहे हैं मानपुर से 5 बार विधायक रही मीनाक्षी ने भी मंत्री पद की शपथ ली बीजेपी ने जो बनाई थी उसमें भी शामिल थी पार्टी आदिवासी चेहरा है जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश इस बार शिवराज सिंह कैबिनेट में जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है 55 समाज से आते हैं इसके साथ ही हर खेमे के लोगों को भी तवज्जो दी गई हैं कमल पटेल कुर्मी समुदाय से आते हैं नरोत्तम मिश्र ब्राह्मण मीनाक्षी आदिवासियों का प्रतिनिधित्व करती है साथ ही महिला भी राजपूत समाज से गोविंद सिंह राजपूत को जगह मिली है और तुलसी सिलावट अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं टीम शिवराज के गठन में इस बार पूरी तरह से दिल्ली की ही चली है राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मुहर के बाद ही कैबिनेट का विस्तार हुआ है आखिरी वक्त के दो बड़े नेताओं का नाम चल रहा था जिसमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह शामिल है बाद में दिल्ली से साफ कर दिया गया कि अभी टीम छोटी रहेगी भूपेंद्र सिंह के लिए भोपाल पहुंच भी गए थे पार्टी से हरी झंडी नहीं मिली तो वह वापस सागर चले गए।